औरंगाबाद में आध्यात्मिक मिलन

प्रवासी एकता न्यूज़:- रोहित चौधरी 9660317316

औरंगाबाद तेरापंथ भवन में साध्वी श्री मधुस्मिता जी एवं साध्वी श्री त्रिशला कुमारी जी के आध्यात्मिक मिलन का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। साध्वी श्री के मंगल महामंत्र के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। सभा के अध्यक्ष कौशिक सुराणा ने साध्वी श्री जी का स्वागत करते हुए अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। महिला मंडल के समवेत स्वरों ने सभीको भावविभोर कर दिया। तेरापंथ महासभा के कार्यकारिणी सदस्य डॉ अनिल नाहर एवं वरिष्ठ श्रावक मदनलाल आच्छा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

मेजबान साध्वी श्री मधुस्मिता जी के ग्रुप द्वारा प्रस्तुत गीतिका “आज हमारे मन मंदिर” ने पूरे परिसर में समा बांध दिया एवं मेहमान साध्वी श्री त्रिशला कुमारी जी के ग्रुप द्वारा प्रस्तुत गीतिका “मधुर मिलन की मंगल घड़ियां” ने उपस्थित धर्म सभा को ॐ अर्हम ‌‌बोलने के लिए विवश कर दिया। साध्वी श्री त्रिशला कुमारी जी ने अपनी खुशी को अभिव्यक्त करते हुए कहा कि आज का दिन मेरे जीवन का अविस्मरणीय दिन है।

22 वर्षों के बाद आज साध्वी श्री जी से मिलना हुआ है साध्वी श्री मधुस्मिता जी हमारे धर्म संघ की वरिष्ठ साध्वी हैं आपकी विद्वता, वत्सलता, व्यवहार कुशलता अनुकरणीय है। साध्वी श्री जी ने कहा जहां अध्यात्मिक मिलन होता है वहां कुछ नए तथ्यों की उपलब्धि होती है। हम भी साध्वी श्री जी से मिले हमें भी बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। साध्वी श्री मधुस्मिता जी ने सभा को संबोधित करते हुए

कहा कि धर्मसंघ की शोभा हमारी शोभा है और हमारी शोभा धर्मसंघ की शोभा है। धर्मसंघ कुबेर का खजाना है इसे हम जितना चाहे उतना ही आध्यात्मिक वैभव बटोर सकते हैं। धर्म संघ वो सिंधु है जिसमें रहने वाली हर सीप मोती बनकर निखरती है। उन्ही चमकने वाली मुक्ता मणियों में एक मुक्ता है साध्वी श्री त्रिशला कुमारी जी।

22 वर्षों बाद इन से मिलकरआध्यात्मिक प्रशंसा की अनुमति हो रही है। साध्वी श्री जी ने कहा मिलना विकास एवं प्रकाश का प्रतीक है। प्रेम जीवन का सबसे सुंदर रंग है। प्रेम महामंत्र है इसमें पूरी दुनिया को वश में करने की ताकत है। इस कार्यक्रम का कुशल संचालन कविता मरलेचा ने किया। साध्वीवृंद के मंगल पाठ से कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

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